
पटना: बिहार की राजधानी पटना एम्स के डॉक्टरों की टीम की वजह से आज एक दिव्यांग युवक की जान बचाई जा सकी. दिव्यांग युवक रोड पर अपने ट्राइ साइकिल पर बेहोश पड़ा था. आने-जाने वाले लोग गुजर रहे थे लेकिन इस पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा था.
तभी उधर से एम्स के लिए जा रहे जूनियर डॉक्टर ने जब उसे देखा उसके पास जाकर उसका हाल लिया तो पता चला कि वह युवक बेहोश है. बेहोशी के आलम में उसकी पहली ट्रीटमेंट करते हुए एम्स के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ अनिल कुमार को फोन किया.
इसके बाद डॉक्टर अनिल कुमार तुरंत अपनी टीम के साथ है बाल्मी गेट के पास पहुंचे और पहुंचने के साथ ही तुरंत प्राथमिक उपचार कर युवक की सांसे वापस लौटाई. थोड़ी देर के बाद उस युवक को एम्स की टीम ने अस्पताल के अंदर एडमिट किया और उसके बाद उसे पूरी तरह से स्वास्थ्य किया.
बताया गया कि अगर थोड़ी और देर होती तो युवक की जान चली जाती. युवक के गले से जीभ चिपक गई थी, जिसकी वजह से उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी.
डॉक्टरों ने बताया कि 5 मिनट की देरी युवक की जान ले लेती, लेकिन शुक्र है उस डॉक्टर शमशाद का जिसने यह देखा और युवक की जान बचाई.
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