आज से 25-27 साल पहले किसने सोचा होगा कि सचिन क्रिकेट के सबसे बड़े ब्रांड बनेंगे? क्रिकेट में बाकी खेलों से ज्यादा पैसे तो थे लेकिन क्या इससे अरबपति बना जा सकता था? वो भी 90’s में? लेकिन ये सब हुआ. सचिन क्रिकेट के सबसे बड़े ब्रांड बने. क्रिकेट से सचिन ने सैकड़ों करोड़ कमाए. और इस सबकी शुरुआत की एक सेल्समैन ने. एक भारतीय सेल्समैन ने जिसका नाम थोड़ा कम भारतीय था.
इस सेल्समैन ने ना सिर्फ सचिन की किस्मत बदली बल्कि इसने एशिया में क्रिकेट की टीवी कवरेज की सूरत भी बदल डाली. जगमोहन डालमिया के साथ इसके रिश्तों पर काफी कुछ लिखा गया. सिर्फ 15 लोगों की टीम के साथ इसने बड़ी-बड़ी कंपनियों की नींव हिला दी. 1996 के वर्ल्ड कप का ब्रॉडकास्टिंग राइट हासिल किया. और फिर सचिन को इतनी बड़ी डील दे दी कि लोग भौंचक्के रह गए. आज हम इसी सेल्समैन की बात करेंगे.
# मिली डिजर्विंग वैल्यू
अक्टूबर 1995 में ख़बर फैली कि किसी कंपनी ने युवा क्रिकेटर सचिन के साथ पांच साल के लिए 27 करोड़ (75 लाख डॉलर) की डील कर ली है. इस डील पर आउटलुक से बात करते हुए उस वक्त के दिग्गज स्पोर्ट्स कंसल्टेंट लोकेश शर्मा ने कहा था,
‘इस डील से सचिन भारतीय इतिहास के सभी क्रिकेटर्स द्वारा मिलकर की गई कमाई से भी तिगुना पैसे कमाएंगे.’
सचिन ने यह डील वर्ल्ड टेल नाम की एक लगभग अनाम कंपनी के साथ की थी. लगभग अनाम इसलिए क्योंकि सचिन इस कंपनी के पहले क्लाइंट थे. इससे पहले इस कंपनी ने 1996 वर्ल्ड कप के ब्रॉडकास्ट राइट्स भी हासिल किए थे. लेकिन ये 1993 की बात थी और तब तक लोग इसे लगभग भूल चुके थे. इंडिया में इसके पार्टनर पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री थे. शास्त्री ने सचिन की साइनिंग पर कहा था,
‘इतिहास में पहली बार एक भारतीय एथलीट को डिजर्विंग वैल्यू मिल रही है. यह आसानी से मिलने वाली बड़ी रकम की बात नहीं है. यह कहानी उस लड़के की है जिसे वो पैसा मिला, जो वह डिजर्व करता है. एक लड़का जिसे लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर ‘ग्रेग चैपल जैसा टेक्निकल और विव रिचर्ड्स जैसी आक्रामकता’ वाला बताते हैं.’
उस दौर में सैटेलाइट और केबल टीवी जैसी चीजें मार्केट पकड़ रही थीं. BCCI बेहद आक्रामक तरीके से क्रिकेट की ब्रांडिंग कर रहा था. पूरी मार्केट में क्रिकेट की तरह फैनबेस वाले गेम की गैरमौजूदगी से भी सचिन का फायदा हुआ. लेकिन सबसे बड़ी बात तो ये थी कि 20 साल पहले अमेरिका में सेटल हो चुके एक भारतीय ने सचिन पर इतना भरोसा दिखाया. ये डील कितनी बड़ी थी इसका अंदाजा इस बात से भी लगा सकते हैं कि उस साल पेप्सी ने स्पोर्ट्स एंडोर्समेंट पर कुल तीन करोड़ खर्च किए थे.
Ketan | کیتن@Badka_Bokrait
Mark Mascarenhas (@sachin_rt's manager) asked Ian Chappell, "Who's gonna be in the final?" Ian replied, "Australia n New Zealand." They then asked Greg Chappell who said the same. Mark looked at both of them and said- "Tendulkar will get'em home, you see."
22nd April. Sandstorm.
# तेजी से चढ़े मार्क
ऐसा नहीं था कि सचिन के पास उस वक्त विज्ञापनों की कमी थी. वह साल के 50 दिन शूट पर ही रहते थे. लेकिन डील्स इतनी बड़ी नहीं थीं. सचिन उस वक्त कुल छह चीजों का विज्ञापन करते थे. उनमें एक्शन जूते भी शामिल थे. सचिन ने एक्शन के साथ कुल 80 लाख की डील की थी. यह डील 4-5 साल के लिए थी. वर्ल्ड टेल से जुड़ने के बाद उन्हें रीबॉक साल के एक करोड़ देने को तैयार था. लेकिन सचिन पांच मांग रहे थे.
वर्ल्ड टेल की इस डील पर काफी बात हुई. कई दिग्गजों का मानना था कि सचिन इसे डिजर्व नहीं करते. कुछ को लगता था कि इस डील से सचिन का दिमाग ना बिगड़ जाए. लेकिन डील हो गई. गूगल के बिना हुई खोजबीन में पता चला कि वर्ल्ड टेल का कर्ता-धर्ता एक भारतीय मूल का अमेरिकी है. नाम मार्क मस्करेन्हास.
बंगलुरु के रहने वाले मार्क पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका शिफ्ट हो गए थे. वहां उन्होंने अपना करियर मशहूर अमेरिकी टेलीविजन ग्रुप CBS के रेडियो डिपार्टमेंट से एक सेल्स मैन के रूप में शुरू किया था. उनके जॉब इंटरव्यू के बारे में बात करते हुए उनके पहले बॉस रॉन गिल्बर्ट ने आउटलुक से कहा था,
‘उसने मुझ पर बहुत ज्यादा प्रभाव डाला, मुझे इतना प्रभावित कोई नहीं कर पाया था. मेरे पास कोई ओपनिंग नहीं थी लेकिन हमारी पॉलिसी थी कि हम नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को इंटरव्यू का मौका देते थे. मार्क आया. इंटरव्यू दिया. जाते वक्त एकाएक मुड़ा और मुझसे पूछा- मिस्टर गिल्बर्ट, आप उन लोगों में से तो नहीं हैं जिनकी कमाई उनके अंडर काम कर रहे सेल्समैनों के प्रदर्शन पर निर्भर होती है?
मैंने कहा- हां. फिर मार्क ने कहा कि उसकी बहुत सारी जरूरतें हैं. वह अपनी फॉक्सवैगन बेचकर BMW लेना चाहता है. उसे भारत जाकर अपनी बहन से भी मिलना था. उसकी बात सुनते ही मैंने उसे तुरंत वापस बैठने को कहा और नौकरी दे दी. वह मेरा बेस्ट सेल्समैन बना. अगर किसी दिन कोई आकर कहे कि उसने माइक्रोसॉफ्ट या कोई ऐसी कंपनी खरीद ली है तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा.’
दिन दूनी, रात चौगुनी तरक्की करते हुए मार्क ने एक साल के अंदर ही अपनी सैलरी 35 हजार डॉलर से 85 हजार करवा ली. साल 1984 में रेडियो छोड़ टीवी में आने वाले मार्क की सैलरी जल्दी ही डेढ़ करोड़ डॉलर सालाना हो गई. मार्क ने CBS को चाइनीज मार्केट में एंट्री कराई. मार्क इंदिरा गांधी के जमाने में भारतीय टीवी मार्केट में भी आना चाहते थे. लेकिन सरकार ने एंट्री नहीं दी. CBS तो डीडी को फ्री में सॉफ्टवेयर्स और ऐड रेवेन्यू का 30 परसेंट भी देने को तैयार था. लेकिन इंदिरा ने देसी कंपनियों को वरीयता दी.

अपने क्लाइंट्स Sourav Ganguly और Sachin Tundulkar के साथ Mark Mascarenhas (मेंस वर्ल्ड इंडिया से साभार)
# फुटबॉल, स्की और क्रिकेट
बाद में मार्क ने अपनी कंपनी शुरू की. उनकी पहली बड़ी डील इटली में हुए फुटबॉल वर्ल्ड से आई. मार्क ने 1990 के इस वर्ल्ड कप के 10 एपिसोड के लिए एक टेलीफोन कंपनी से 30 लाख अमेरिकी डॉलर लिए. इसके बाद उन्होंने अपनी एक टीम बनाई और कई इवेंट्स के ऑर्डर लिए. मार्क ने 1992 में चार पार्टनर्स के साथ मिलकर अल्पाइन स्की वर्ल्ड कप के राइट्स हासिल किए. इस बारे में उन्होंने कहा था,
‘यह राजाओं का खेल माना जाता था और इसकी वैल्यू बेहद कम आंकी जाती थी. उस साल, जब खेल में 30 साल बिताने वाले यूरोप के सभी पब्लिक ब्रॉडकास्टर्स नींद में थे या पार्टी कर रहे थे, हमने पूरा खेल ही खरीद लिया. 15 देशों में 15 आयोजन स्थल. हमने इसे तीस लाख डॉलर में खरीदा और दो करोड़ में बेच दिया.’
मार्क ने अमेरिकी की फुटबॉल फेडरेशन के साथ भी काम किया. लेकिन उन्होंने इनके साथ कभी भी कोई कॉन्ट्रैक्ट नहीं साइन किया. मार्क बस हाथ मिलाते और डील हो जाती. इसके बाद आया साल 1993. मार्क को पता चला कि BCCI साल 1996 के वर्ल्ड कप के लिए बोलियां लगवा रहा है. इस बारे में मार्क ने कहा था,
‘मैंने 10 सालों से क्रिकेट नहीं देखा था. बिंद्रा और डालमिया के साथ मेरी पहली मुलाकात लंदन के एक फ्लैट में हुई थी. उस वक्त ज्यादातर देशों में क्रिकेट बर्बाद हाल में था. डालमिया एक ही तरीके से असोसिएट देशों को मना सकते थे – अपने इलाकों में खेल सुधारने के लिए पैसे देकर. एक कंपनी पहले ही 85 लाख डॉलर की बिड कर चुकी थी. लेकिन वे तुरंत कोई पैसा नहीं देना चाहते थे.
डालमिया ने मुझसे कहा कि मुझे राइट्स मिल जाएंगे अगर मैं एक करोड़ डॉलर की बोली लगाऊं और पच्चीस लाख डॉलर तुरंत दे दूं. मैंने हां कर दी. और यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा जुआ था. CSI के माइक वॉश ने मेरे एक पुराने पार्टनर से पूछा कि क्या वह भी डील में शामिल है? उसने कहा- नहीं. जब माइक को पता चला कि इस डील में मैं अकेला हूं तो उन्होंने कहा- तुम स्मार्ट आदमी हो. वह दो महीने में बर्बाद हो जाएगा. उस वर्ल्ड कप से मैंने 2 करोड़ डॉलर कमाए.’
अपने करियर में मार्क कई बाद विवादों में आए. 1995 में दूरदर्शन के साथ उनका विवाद काफी लंबा चला. उन पर घमंडी, बेइमान होने के आरोप लगे. 1997 में श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के साथ भी उनका विवाद हुआ. मार्क और जगमोहन डालमिया के रिश्तों पर भी काफी बातें हुईं.
# सिर्फ सचिन के मार्क
मार्क की कंपनी ने 1997 में डेढ़ करोड़ डॉलर का बिजनेस किया. उस वक्त इसमें कुल 15 लोग काम करते थे. मार्क के तकरीबन हर देश के क्रिकेट बोर्ड से कमाल के रिश्ते थे. 1995 में मार्क ने सचिन को 75 लाख अमेरिकी डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट दिया था. साल 1998 तक सचिन 1 करोड़ डॉलर के विज्ञापन साइन कर चुके थे.
Ritesh@Sachislife
Pic archive: Sachin Tendulkar in Mark Mascarenhas' house in USA. Tendulkar along with Shastri (along with their families) stayed at Mark's house as guests in 1998.
बाद में सचिन ने सौरव गांगुली को भी मस्करेन्हास से मिलवाया. मस्करेन्हास ने दोनों के साथ काम किया लेकिन द्रविड़ के साथ काम ना कर पाने का उन्हें हमेशा अफसोस रहा. उन्होंने कहा था,
‘राहुल बैंगलोर के मेरे स्कूल से है और मैं उसका बड़ा फैन हूं. लेकिन उसे पहले ही साइन किया जा चुका है.’
मार्क के ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स के साथ भी अच्छे संबंध थे. लेकिन ऑस्ट्रेलियन बोर्ड के बड़े फैन मार्क के लिए सचिन से बेहतर क्रिकेटर कोई नहीं था. एक बार उन्होंने कहा था,
‘ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट अकैडमी के पास बेस्ट रिसोर्स और टैलेंट हैं. ऑस्ट्रेलिया बेस्ट स्पोर्टिंग कंट्री है. लेकिन सचिन को तो मुंबई ने बनाया. ऑस्ट्रेलिया सचिन जैसे किसी प्लेयर के बारे में बस सपने देख सकता है.’
27 जनवरी 2002 को मार्क एक सड़क दुर्घटना में मारे गए. वह मध्य प्रदेश से एक टाटा सूमो के जरिए मुंबई लौट रहे थे. नागपुर से 80 किलोमीटर पहले उनकी गाड़ी का अगला टायर फट गया और गाड़ी पलट गई. मार्क की मौके पर ही मौत हो गई.
Sachin Tendulkar Trends ™
They have just taken the next flight and left their work and families to be with me, which has allowed me to play. So a big thank you to all three of you for keeping me in good shape.
Sachin Tendulkar Trends ™@TrendsSachin
My dear friend, late Mark Mascarenhas, my first manager. We unfortunately lost him in a car accident in 2001, but he was such a well-wisher of cricket, my cricket, and especially Indian cricket. He was so passionate.
उनकी मौत के बाद ऑस्ट्रेलियन दिग्गज इयान चैपल ने उन्हें याद करते हुए क्रिकइंफो पर एक लेख लिखा. इसमें चैपल ने मार्क को ऑस्ट्रेलियन कैरी पैकर जैसा बताया. चैपल ने याद किया कि मार्क अपने ब्रॉडकास्ट के लिए हमेशा से हाई स्टैंडर्ड चाहते थे, एकदम पैकर की तरह. चैपल ने लिखा कि भारतीय क्रिकेट की टेलीविजन कवरेज पर मार्क के प्रभाव को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए. उन्होंने इसे पूरी तरह से बदल दिया.
# ट्रिविया
# कहा जाता है कि टीवी पर सचिन को पहली बार खेलते देखने के बाद मार्क पहली फ्लाइट से भारत चले आए थे, सचिन को साइन करने.
# 1996 के वर्ल्ड कप के लिए मार्क ने पर्सनली जाकर कैरी पैकर से चैनल नाइन की कॉमेंट्री टीम मांगी थी. पैकर की शर्त थी की उनकी टीम प्राइवेट जेट में सफर करेगी. मार्क ने हां कर दी. हालांकि बाद में जेट नहीं मिल पाया.
# मार्क ने अपनी एक क्रिकेट वेबसाइट और क्रिकेट मैग्जीन भी लॉन्च की थी. दोनों नहीं चले. इनके फेल होने पर मार्क ने कहा था- जब मार्केट को बैलगाड़ी चाहिए थी, मैंने रॉल्स रॉयस उतार दी.
# मार्क सचिन के अलावा किसी और प्लेयर को बहुत दिन तक मैनेज नहीं कर पाए. गांगुली के साथ उनकी लड़ाई हो गई. अजित आगरकर, रॉबिन सिंह, शेन वॉर्न, शोएब अख्तर के साथ भी वह बहुत दिन तक नहीं टिक पाए.
# भारत में प्लेयर मैनेजमेंट बिजनेस की शुरुआत मार्क की कंपनी वर्ल्ड टेल से ही हुई.
# मार्क की मौत के अगले दिन भारत ने इंग्लैंड के साथ मैच खेला था. टीम इंडिया उस दिन बाजू में काली पट्टी बांधकर उतरी थी.
# सचिन ने अपनी रिटायरमेंट स्पीच में जिन 20 लोगों का नाम लिया, मार्क उनमें शामिल थे.
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