
टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली इस समय दुनिया के दिग्गज क्रिकेटरों में शुमार किए जाते हैं। विराट की कप्तानी में भारत ने 2008 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था। विराट ने टीम इंडिया में जगह बनाने के बाद से जिस तरह से अपनी जगह पक्की की उसके बारे में हर कोई जानता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्रिकेट करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने भी संघर्ष का सामना किया है। विराट टीम में नहीं चुने जाने पर एक बार रातभर रोए भी हैं और वो भी स्टेट टीम सिलेक्शन को लेकर।
'अनअकैडेमी' द्वारा आयोजित ऑनलाइन क्लास में कोहली के साथ उनकी पत्नी और बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा ने सफलता मिलने से पहले अपने संघर्ष के बारे में खुलकर बात की। इस दौरान विराट से जब पूछा गया कि वो कौन सा समय था, जब उन्होंने खुद को एकदम असहाय महसूस किया था। इस पर उन्होंने बताया, 'जब शुरुआत में मैं स्टेट टीम में नहीं चुना गया था, तो इसको लेकर बहुत निराश था। मैं पूरी रात रोता रहा और मैंने अपने कोच से पूछा था कि मेरा टीम में सिलेक्शन क्यों नहीं हुआ।'
विराट कोहली इस समय दुनिया के बेस्ट बल्लेबाजों में गिने जाते हैं, उन्होंने अपनी मेहनत से ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है कि दुनिया का लगभग हर युवा बल्लेबाज उनको अपनी प्रेरणा मानता है। इस दौरान विराट ने कोविड-19 महामारी को लेकर भी बात की। उन्होंने बताया कि इस महामारी का भी एक पॉजिटिव पहलू है।
'इस महामारी से भी सीख मिली है'
कोहली ने कहा, 'इस संकट का एक पॉजिटिव हिस्सा यह है कि एक समाज के तौर पर हम अधिक उदार हो गए हैं। हम इस जंग में मोर्चे पर जुटे योद्धाओं के प्रति कृतज्ञता दिखा रहे हैं। चाहे वे पुलिसकर्मी हों, डॉक्टर या नर्सें।' उन्होंने कहा, 'उम्मीद है कि संकट से उबरने के बाद भी यह जज्बा कायम रहेगा। कोहली ने कहा, 'जीवन के बारे में कुछ नहीं कह सकते। जिससे खुशी मिले, वो करो और हर समय तुलना नहीं करते रहना चाहिए। इस संकट के बाद जीवन अलग हो जाएगा।'
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