5 जून को मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस इस बार पिछले सालों से अलग होगा । इस बार ना तो लोग सामूहिक रूप से पौधे लगा सकेंगे और ना ही कोई बड़ा कार्यक्रम हो आयोजित हो सकेगा। ऐसे में आम आदमी की एक जिम्मेदारी बन जाती है कि वह विषम परिस्थितियों में किस तरह से पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण करें।
सामाजिक वानिकी प्रभागीय निदेशक दीक्षा भंडारी कहती हैं इस बार जहां उनका फोकस होगा कि औद्योगिक क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा पौधे लगवाए जाए । साथ ही आदमी को अपने घर के बाहर एक पौधा लगाकर उसके रखरखाव की जिम्मेदारी अपने कर्तव्य का पालन करना होगा । उल्लेखनीय है कि आगामी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस है जिसको लेकर संबंधित विभाग अपने अपने तरीके से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन कोरोना महामारी का प्रकोप चल रहा है और सामूहिक जमावड़ा या ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर मनाही है, दो गज की दूरी (सोशल डिस्टेंस )का पालन करना जरूरी है। इसी को देखते हुए वन विभाग का प्रयास है कि औद्योगिक क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण कराया जाये ।
दीक्षा भंडारी का कहना है कि इस बार स्कूल कॉलेज सभी बंद हैं इसलिए वहां पर पौधारोपण होने की संभावना बेहद कम है। इसी कारण उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों को फोकस किया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी औद्योगिक क्षेत्र के प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दो गज दूरी का पालन करते हुए पौधारोपण करें और उनके रखरखाव व देखभाल की जिम्मेदारी भी खुद लें। साथ ही दीक्षा भंडारी ने यह भी कहा है की प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर के सामने कम से कम एक पेड़ पौधा अवश्य लगाना चाहिए। विश्व पर्यावरण दिवस पर यदि लोग अपने घरों के सामने कम एक पौधा लगा दे तो पर्यावरण को संतुलित रखने में लाभ मिलेगा ।
उन्होंने बताया कि जुलाई माह में वृहद पौधरोपण कार्यक्रम चलेगा जिसके लिए गाजियाबाद में सात लाख से ज्यादा पौधे लगाने का लक्ष्य सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है । वन विभाग समेत सभी विभाग इसका पालन करेंगे । उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी ने इसको लेकर सभी सरकारी विभागों को पत्र लिखकर पौधरोपण प्लान कर दस जून तक मांगा है ताकि जुलाई माह में प्रभावी ढंग से पौधरोपण कार्यक्रम चलाया जा सके ।
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