
सहारा समूह ने कोरोना संकट के बीच अपने किसी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला है.
नई दिल्ली. कोरोना संकट (Corona Crisis) के कारण कारोबारी गतिविधियां ठप होने से डंवाडोल हुई अर्थव्यवस्था (Economy) के चलते बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार (Jobless) हो गए हैं. अभी भी तमाम छोटी-बड़ी कंपनियों में लोगों को नौकरी जाने का डर सता रहा है. इस बीच सहारा समूह (Sahara Group) ने कहा कि उसने मुश्किल हालात के बावजूद अपने किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला है.
यूपी लौटे प्रवासी श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर काम देने की भी है तैयारी
सहारा समूह ने कहा कि कोविड-19 (COVID-19) महामारी के कारण कारोबार पर काफी बुरा असर पड़ा है. इसके बाद भी समूह ने अपने किसी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला (Layoffs) है. इसके उलट कई कर्मचारियों को पदोन्नति (Promotions) और वेतनवृद्धि (Salary Hike) दी गई है. समूह लॉकडाउन के दौरान अलग-अलग राज्यों से उत्तर प्रदेश (UP) लौटकर आए प्रवासी श्रमिकों (Migrant Labours) को रोजगार देने की योजना भी बना रहा है. श्रमिकों को उनकी योग्यता के हिसाब से स्थानीय स्तर पर ही काम दिया जाएगा.
सहारा समूह ने हजारों कर्मचारियों को वेतन वृद्धि के साथ दिया प्रमोशन
समूह का यह भी कहना है कि लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से उसे गंभीर कारोबारी संकट का सामना करना पड़ रहा है. इसके बावजूद कंपनी ने फील्ड में काम करने वाले (Field Workers) अपने 4,05,874 कर्मियों को एक प्रमोशन दिया है. इसके अलावा कार्यालयों में काम करने वाले (Office Workers) 4,808 कर्मचारियों को वेतन वृद्धि के साथ प्रमोशन भी दिया गया है. बता दें कि सहारा समूह की विभिन्न कंपनियों में 14 लाख कर्मचारी काम करते हैं.
समूह ने सभी कंपनियों से कर्मचारियों का ख्याल रखने का आग्रह किया
सहारा समूह ने सभी छोटे-बड़े औद्योगिक संगठनों से आग्रह किया है कि वे इस मुश्किल वक्त में अपने हर कर्मचारी की रोजी-रोटी का ख्याल रखें. इसके पहले सहारा प्रमुख सुब्रत राय (Subrata Roy) ने समूह के सभी कर्मचारियों, ग्राहकों और निवेशकों को वैश्विक महामारी (Pandemic) कोविड-19 के समय अपने पूरे समर्थन का आश्वासन दिया था. साथ ही हर किसी से पूरे देश में लागू लॉकडाउन के दौरान केंद्र सरकार (Central Government) के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने की हिदायत भी दी थी.
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