बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में एक परिवार ने बेटे के निधन के दो साल बाद बहू का पुनर्विवाह कर दिया। परिवार ने अपनी बहू को बेटी की तरह विदा किया। दरअसल,बेमेतरा में बाजार पारा निवासी कृष्णा सिंह राजपूत के पुत्र की दो साल पहले मौत हो गई थी। कृष्णा सिंह ने दो वर्ष तक अपनी पुत्रवधु को बेटी की तरह रखा। इसके बाद उसके लिए योग्य वर देखकर उसका विवाह पूरे रीति-रिवाज से किया। राजपूत समाज के इस कार्यक्रम की लोग तारीफ कर रहे हैं।
बिलासपुर में रहने वाले ठा. राजकुमार सिंह की बेटी आरती सिंह की शादी वर्ष 2016 में सामाजिक रीति-रिवाज से बेमेतरा निवासी ठा. कृष्णा सिंह के बेटे गौतम सिंह के साथ हुई थी।शादी के महज दो साल बाद गौतम सिंह का निधन हो गया था। राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़ ने बीते साल इस तरह के प्रकरण के लिए विधवा विवाह का रास्ता खोला और ठा. होरी सिंह डौड़ अध्यक्ष महासभा के नेतृत्व में पिछले वर्ष महासभा में विधवा विवाह के संदर्भ में प्रस्ताव पारित कर स्वीकृति प्रदान किया।
विधवा विवाह स्वीकृति के बाद ठा. कृष्णा सिंह राजपूत अपनी पुत्रवधु के लिए सुयोग्य वर की तलाश की। आरती सिंह के ससुर ठा. कृष्णा सिंह राजपूत ने पिता का धर्म निभाते हुए अपनी पुत्रवधु आरती को पूरे सामाजिक रीति-रिवाज से अपने पूरे परिवार एवं समाज के प्रमुखों की उपस्थिति में ठा. ऐमिल सिंह पिता ठा. गिरधारी सिंह के साथ 30 जून को बेमेतरा में विवाह सम्पन्न कराया। कहा जा रहा है कि प्रस्ताव लागू होने के बाद राजपूत समाज में पहली बार विधवा विवाह सम्पन्न हुआ। शादी समारोह के दौरान ठा. होरी सिंह डौड़ केन्द्रीय अध्यक्ष, ठा.अजय सिंह वरिष्ठ उपाध्यक्ष सहित कई लोग मौजूद रहे। प्रदेश अध्यक्ष ठा. होरी सिंह डौड़ ने नवविवाहित जोड़े आरती सिंह और ठा. ऐमिल सिंह को सुखद दाम्पत्य जीवन की बधाई दी।
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