विराट कोहली को छोड़नी पड़ सकती है टीम इंडिया की कप्‍तानी ? जानें क्‍या है मामला


नयी दिल्‍ली : कोविड-19 ने क्रिकेट समेत सभी खेलों पर ब्रेक लगा रखा है. भारतीय खिलाड़ी मैदान पर वापसी का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि मैदान पर उनकी वापसी कब तक हो पायेगी. इस बीच भारतीय क्रिकेट टीम और कप्‍तान कोहली को लेकर बड़ी खबर आ रही है.

खबर है विराट कोहली से टीम इंडिया की कप्‍तानी छीन सकती है. टाइम्‍स की खबर के अनुसार संजीव गुप्‍ता ने विराट कोहली के खिलाफ बीसीसीआई से शिकायत की है. संजीव गुप्‍ता ने बीसीसीआई के एथिक्‍स अधिकारी डीके जैन को मेल के माध्‍यम से कोहली के व्‍यवसाय को लेकर शिकायत की है और बताया भारतीय कप्‍तान लोढ़ा समिति की सिफारिशों का उल्‍लंघन कर रहे हैं.

हालांकि बीसीसीआई को यह बात रास नहीं आ रही है. बोर्ड के एक अधिकारी ने इन शिकायतों को प्रेरित बताया. उन्‍होंने बताया कुछ दिनों से कई शिकायतें आ रही हैं, जो एक जैसे हैं. उन्‍होंने कहा, ये सारी शिकायतें केवल उथल-पुथल मचाने वाली हैं और उन लोगों को ब्‍लैकमेल करने की कोशिश है, जिसने देश के लिए काफी कुछ किया है.

अधिकारी ने कहा, सारी शिकायतों को अगर गौर से देखा जाए तो साफ हो जाएगा कि यह साजिश के तहत किया जा रहा है. पहले बीसीसीआई के अधिकारियों को घेरने की कोशिश की गयी और अब कप्‍तान विराट कोहली इनके निशाने पर हैं.

क्‍या है संजीव गुप्‍ता की शिकायत

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार संजीव गुप्‍ता ने विराट कोहली पर आरोप लगाया है कि वो एक ही समय में दो पदों पर काबिज हैं, जो नियम का उल्‍लघंन है और भारतीय कप्‍तान को एक पद को छोड़ना होगा. संजीव गुप्‍ता ने नैतिक अधिकारी से अनुरोध करते हुए कहा कि वो कोहली को एक पद त्‍यागने का आदेश दें.

कोहली के करीबी ने आरोप को बताया दुखद

इधर विराट कोहली के करीबी सूत्रों ने कप्‍तान के खिलाफ शिकायत और आरोप को दुखद बताया है. उन्‍होंने कहा, हमारे क्रिकेटरों की भी अपनी जिंदगी होती है और वे भी पैसा कमाना चाहते हैं. इस तरह की शिकायतों से खिलाड़ी के प्रदर्शन और दिमाग पर असर डाल सकता है. कोहली के करीबी सूत्रों ने कहा, ऐसे लोग केवल चर्चा में आने के लिए ऐसे हथकंडे अपनाते हैं. इस तरह की चिजें खेल और खिलाड़ी के लिए अच्‍छी नहीं है.

गौरतलब है इससे पहले बीसीसीआई अध्‍यक्ष सौरव गांगुली पर भी हितों के टकराव को लेकर खबर चली थी. जिसमें गांगुली पर एक साथ दो-दो लाभ के पद पर रहने का आरोप लगाया गया था.


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