विकास दुबे को महाकाल मंदिर में गुरुवार सुबह 9 बजे पकड़ा गया था। देर शाम उसे यूपी एसटीएफ के सुपुर्द कर दिया गया।
कानपुर शूटआउट के आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे को उज्जैन पुलिस ने यूपी एसटीएफ के हवाले कर दिया है। विकास पर उज्जैन में कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। एसपी उज्जैन मनोज कुमार ने बताया कि चार्जशीट बनाकर यूपी पुलिस को सौंप दी गई है। हालांकि,मीडिया के इन सवालों का जवाब मनोज कुमार नहीं दे पाए कि विकास पर केस क्यों नहीं दर्ज किया गया। सवालों के बीच में ही वे उठकर चले गए।
हालांकि, उन्होंने ये जरूर बताया कि विकास से 8 घंटे तक पूछताछ की गई। इस पूछताछ की जानकारी अभी पुलिस ने आधिकारिक तौर पर नहीं दी है। लेकिन, सूत्रों और रिपोर्ट्स के हवाले से सामने आया है कि विकास ने शूटआउट से पहले अपने सभी साथियों को असलहों के साथ घर बुलाया था। उसने घर पर 30 लोगों का खाना बनवाया था।
शवों के जलाने की तैयारी कर रहा था विकास- सूत्र
सूत्रों के मुताबिक, विकास ने पुलिस को बताया कि एनकाउंटर के डर से उनसे बिकरू गांव में दबिश डालने गई पुलिस टीम पर फायरिंग की थी। उसने यह भी बताया कि और फोर्स नहीं आतीतो वह सबूत मिटाने के लिए पुलिस वालों के शव जला देता, इसके लिए तेल भी मंगवायाथा।
गैंगस्टर ने बताया-पुलिस के लोग मेरे संपर्क में थे। उन्होंने दबिश की जानकारी दी थी। मैंने अपने साथियों को हथियार के साथ बुलाया था। घर पर 30 लोगों के लिए खाना बनवाया था। घटना के बाद मैंने सभी साथियों को अलग-अलग भागने को कहा था।
उसने कहा- मुझे किए पर अफसोस है, पर मुझे गोली चलाने के लिए मजबूर किया गया था। मैं मंदिर के परिसर में बैठकर बहुत रोया हूं।
पुलिसवाले ने बोला- धक्का-मुक्की की तो चांटा जड़ दिया
विकास को पकड़नेवालेमहाकाल चौकी में पदस्थ विजय सिंह राठौर ने बताया कि विकास ने भागने की कोशिश की थी। उसने सुरक्षाकर्मी से धक्का-मुक्की की थी, तो उसकी घड़ी टूट गई थी। उसने मेरे भी धक्का-मुक्की की तो मैंने उसे दो चांटे जड़ दिए थे।
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